बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामले में बढ़ा जांच का दायरा, सीसीटीवी फुटेज से खुल सकते हैं कई राज

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Scope of investigation widens in Badrinath Dham offering

गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में चढ़ावा दान राशि की गिनती में हुई हेराफेरी को लेकर पुलिस जांच में नामजद आरोपित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस एसआईटी की जांच का दायरा बढ़ रहा है। एसआईटी मामले में पूछताछ के बाद आए अन्य तथ्यों की गहन परीक्षण कर रही है।

बताया कि अभी पुलिस ने दो दिन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं जबकि 29 जून के सीसीटीवी कैमरों का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें भी दान चढावा गिनती के दौरान चोरी के इस खेल में बड़ा खुलासा हो सकता है।

बताया गया कि पुलिस की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे मंदिर से जुडे अन्य अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि भगवान नारायण का दान, चढ़ावे में श्रद्धालुओं द्वारा खजाना लुटता रहा और मंदिर में मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों, पदाधिकारियों की फौज मौन क्यों रही।

सिर्फ 25 जून से दो जुलाई के बीच के सीसीटीवी फुटेज

हालांकि अभी जांच के दायरे में सिर्फ 25 जून से दो जुलाई के बीच के सीसीटीवी फुटेज हैं। अगर पीक सीजन के दौरान कपाट खुलने से लेकर 25 जून के बीच की गिनती के सीसीटीवी फुटेज का अध्ययन होगा तो यह घपला बडे़ घोटाले का स्वरूप ले सकता है, इससे मंदिर समिति में हड़कंप मचा है।

एसआईटी प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट का ये है कहना

एसआईटी प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट का कहना है कि जांच एवं पूछताछ के दौरान जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं उसे कानून की कसौटी में परखा जा रहा है जैसे जैसे जांच आगे बढेगी वैसे-वैसे अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर कुछ कहा जा सकता है। सीसीटीवी फुटेज व मौजूद लोगों के बयानों व साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की जा रही है आवश्यकता पड़ने पर अन्य पहलुओं की भी जांच भी की जाएगी।

प्रमोद नौटियाल ने कही थी ये बात

गौरतलब है कि बदरीनाथ धाम में दो जुलाई को सीसीटीवी फुटेज में मंदिर समिति के वैयक्तिक सहायक व गणना अधिकारी प्रमोद नौटियाल सोने व चांदी के सिक्के वालों एक पैकेज उठाई दे रहा उसके बाद व पांच पांच सौ के नोट अपने मोबाइल फोन के नीचे छिपाते हुए अपनी जेब में रखता है कुछ देर बाद वह पांच सौ की नोटों की एक पूरी गड्डी मोबाइल के नीचे छिपाकर गणना कक्ष के बाहर जाते हुए दिखाई देता है। आरोपित चांदी के सिक्के, केसर के पैकेज, शीलग्राम के पैकेट अपनी पीठ पीछे छुपाकर ले जाया गया।

25 जून को भी चोरी करता दिखा

इसके अलावा 25 जून को हुई चढ़ावा व दान की गिनती के दौरान भी आरोपित नोटों की गड्डी छिपाकर गणना कक्ष के बाहर जाते हुए दिखाई दे रहा है। मदन सिंह ने बताया कि इस दौरान कुछ अन्य कर्मचारी व अधिकारी भी मौजूद थे। बावजूद इसके वैयक्तिक सहायक के इस कारगुजारी को नजर अंदाज किया गया।

बताया गया कि 25 जून से दो जुलाई के बीच 29 जून को भी मंदिर परिसर में लगे पांच दान पात्रों से गिनती हुई थी। इसमें भी वैयक्तिक सहायक ने दान राशि को ठिकाने लगाया था इसको लेकर भी पुलिस अब सीसीटीवी खंगाल रही है।

नोटों के बंडल और सोने-चांदी के उपहार ले जाने की घटना

29 जून के सीसीटीवी कैमरे में भी कहीं बार नोटों के बंडल व सोने चांदी के उपहार को ले जाने की घटना घटी है। जांच सूत्रों के अनुसार 25 से दो तारीख के बीच गणना के दौरान आठ बार दान राशि सहित अन्य उपहारों में हेरा फेरी करते हुए वैयक्तिक सहायक व गणना अधिकारी प्रमोद नौटियाल सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। गौरतलब है कि मंदिर के अंदर दो मंदिर के बाहर तीन दान पात्रों को थाली भेंट कहा जाता है।

मई जून में यात्र अत्यधिक बढने के साथ हर दून या दूसरे दिन दानराशि की गिनती होती है जबकि 25 जून के बाद यात्रा कम होने के कारण तीन से चार दिनों में दान चढावे की गिनती होती है। दान चढ़ावे के इसमें सोने चांदी ,हीरे आदि के जेवरात लोग श्रद्धा के साथ डालते हैं। यात्री से गुप्त दान के रुप में चढ़ाते हैं।